नई दिल्ली (एडीएनए)। हवाई किराया आसमान छू सकता है, सरकार ने घरेलू किराए पर अधिकतम 18000 रुपये की लिमिट हटा ली है। अब एयरलाइंस अपने हिसाब से किराया बढ़ा सकती हैं। हालांकि सरकार ने कहा है कि एयरलाइंस जिम्मेदारी से काम करें, किराया उचित और पारदर्शी होना चाहिए। सरकार ने कहा है कि ओवरचार्जिंग पर नजर रहेगी।
अगर आप हवाई यात्रा करने वाले हैं तो यह खबर आपकी जेब पर असर करने वाली है। अधिकतम घरेलू हवाई किराए पर लगी 18000 की सीमा को सरकार ने हटा ली है, माना जा रहा है कि एयरलाइंस अब किराए में 200 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी कर सकती हैं। अब एयरलाइंस मांग के हिसाब से टिकट के दाम तय कर सकेंगी, जाहिर है पीक टाइम और इमरजेंसी में फिर से किराया आसमान छू सकता है। ऐसा ही नजारा इंडिगो संकट के समय देखने को मिला था, जब उड़ानें अचानक घटी थीं और एयरलाइंस ने मनमाना किराया वसूला था। हालांकि केंद्र सरकार ने साफ किया है कि सभी एयरलाइंस के किराए पर नजर रखी जाएगी, लेकिन अधिकतम किराए की लिमिट समाप्त की जाती है, यह लिमिट 23 मार्च से समाप्त कर दी गई है। एक अप्रैल से सरकार के इस फैसले का असर दिख सकता है।
माना जा रहा है कि ऑपरेशन अब नॉर्मल हो चुका है, इंडिगो जैसी गड़बड़ी वाला संकट अब नहीं रहा है। इसलिए सरकार ने एयरलाइंस को अपना किराया तय करने की छूट दे दी है। सरकार ने लिमिट उस समय तय की थी जब संकट के समय एयरलाइंस ने किराया 10 गुना तक वसूलना शुरू कर दिया था, कई एयरलाइंस ने 40000 से 80000 तक किराया वसूला था।