नई दिल्ली (एडीएनए)। ईरान युद्ध के चलते जेट फ्यूल की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी से हवाई यात्रा पर भारी संकट पैदा हो गया है। एयरलाइंस ने खर्चों में कटौती के लिए अपनी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में 20-25 फीसदी तक कटौती कर दी है, और उड़ानें घटने से हवाई किराया महंगा हो गया है।
मिडिल ईस्ट संकट के चलते पूरी दुनिया में जेट फ्यूल के दाम बढ़े हैं, भारत ने भी अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए जेट फ्यूल में 115 फीसदी की बढ़ोत्तरी की है। इससे अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों में एयरलाइंस का खर्चा बहुत बढ़ गया है। देश की सभी बड़ी एयरलाइंस ने खर्चों में कटौती के लिए अपनी अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों बड़ी कटौती की है। फ्लाइट घटने से अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों का किराया बढ़ गया है, इससे छुट्टियों के समय बाहर जाने वालों को अब ज्यादा खर्चा करना पड़ेगा।
एयरलाइंस का कहना है कि मिडिल ईस्ट संकट और ज्यादा दिनों तक जारी रहा तो उड़ानों में और कटौती करनी पड़ सकती है। एयरलाइंस के अनुसार यह तो अभी शुरुआत है, एक समय ऐसा भी आ सकता है कि इंटरनेशनल फ्लाइट आधी से भी कम रह जाएं और हवाई किराए में भारी बढ़ोत्तरी करनी पड़े। ऐसा होता है तो छुट्टियां मनाना तो दूर बाहर पढ़ने वाले छात्रों और बिजनेश के लिए बाहर जाने वालों को भी एक बार सोचना पड़ेगा।