लखनऊ (एडीएनए)। उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य जहां देश के सर्वाधिक एयरपोर्ट हैं, यही नहीं अब उसके पास एशिया का सबसे बड़ा नोएडा (जेवर) एयरपोर्ट है। इसके बावजूद यूपी एविएशन सेक्टर में पिछड़ रहा है, कारण एक के बाद एक बंद होते एयरपोर्ट और एयरलाइंस का यूपी में दिलचस्पी कम होना है। यूपी देश को नए पायलट देने वाला भी देश का बड़ा हब बन चुका है, लेकिन यहां एविएशन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से और अधिक सुविधाओं और संसाधन की दरकार है।
यूपी में कहने को तो 21 एयरपोर्ट हैं, और काम पूरा होने के बाद नोएडा एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा। इसके पहले चरण का उद्घाटन हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है और 15 जून से यहां से फ्लाइट भी शुरू हो जाएंगी। संभव है इसके चारो चरण का काम पूरा होने के बाद यात्रियों और फ्लाइट के मामले में यह दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट से भी आगे निकल जाए लेकिन जरूरत छोटे एयरपोर्टों को भी आपरेशनल बनाने के साथ सुविधाएं देने की है, तभी सरकार का वह नारा साकार हो पाएगा कि अब चप्पल पहनने वाला किसान भी हवाई जहाज में सफर करेगा।
प्रदेश सरकार ने दो-तीन सालों के अंदर कई एयरपोर्ट शुरू किए लेकिन एयरलाइंस ने लचस्पी नहीं दिखायी जिससे कुशीनगर, अलीगढ, आजमगढ़, चित्रकूट, श्रावस्ती, मुरादाबाद जैसे हवाई अड्डे बंद हो गए या यूं कहें कि एयरलाइंस ने यहां से फ्लाइट बंद कर दीं। अब प्रदेश में मुख्य रूप से सक्रिय हवाई अड्डों में लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या शामिल हैं, इसके अलावा हिचकोले लेते कानपुर, आगरा जैसे हवाई हवाई अड्डे भी हैं लेकिन मांग के बावजूद यहां से फ्लाइट नहीं बढ़ पा रही हैं।
एयरलाइंस दिलचस्पी दिखाएं तो उड़ान भरे कानपुर एयरपोर्ट
एयरलाइंस दिलचस्पी लें तो यूपी के कई एयरपोर्ट ऊंची उड़ान भर सकते हैं, इनमें सबसे महत्वपूर्ण कानपुर का चकेरी हवाई अड्डा है। फिलहाल यूपी के सबसे व्यस्त और संसाधन वाले अमौसी (लखनऊ) हवाई अड्डे पर नजर डालें तो यहां के 40 फीसदी से ज्यादा हवाई यात्री कानपुर से होते हैं, यानी लगभग आधे यात्री कानपुर से जाते हैं, कानपुर में वही सुविधा मिले तो यह यात्री अपने शहर से उड़ान भरेंगे।
फिलहाल कानपुर से दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई और बंगलुरु यानी चार फ्लाइट हैं, इस हवाई अड्डे का हाल में ही इस उम्मीद के साथ विस्तार किया गया था कि यहां से फ्लाइट बढ़ेंगी लेकिन एयरलाइंस ने खास दिलचस्पी नहीं दिखायी। कानपुर से गुजरात के कई शहरों के अलावा जम्मू-कश्मीर, कुल्लू जैसे पर्यटन स्थलों के लिए फ्लाइट की मांग है। व्यवसायिक शहर कानपुर से हर रोज सैकड़ों व्यापारी सूरत, अहमदाहाद, कोलकता जैसे शहर जाते हैं, मजबूरी में उनको लखनऊ से फ्लाइट पकड़नी पड़ती है या फिर ट्रेनों में घंटों लम्बा सफर करना पड़ता है। अवध टूर एंड ट्रैवल्स के डायरेक्टर शारिक अल्वी के अनुसार कानपुर के लोगों को अपने शहर में एयरपोर्ट होते हुए भी लखनऊ से फ्लाइट पकड़नी पड़ती है, एयरलाइंस थोड़ा भी ध्यान दें तो कानपुर उनको बड़ा लोड मिल सकता है। शारिक अल्वी के अनुसार लम्बे समय से शहर के लोग सूरत, अहमदाबाद, जम्मू-श्रीनगर जैसे शहरों के लिए फ्लाइट की मांग कर रहे हैं लेकिन उनको सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कानपुर (चकेरी) एयरपोर्ट से फ्लाइट बढ़ें तो लखनऊ का लोड भी कम हो सकता है और यहां से कानपुर के अलावा आसपास के जिलों के यात्रियों को फ्लाइट की सुविधा मिल जाएगी।