नई दिल्ली (एडीएनए)। पश्चिम एशिया संकट के चलते लगातार हवाई किराए में बढ़ोत्तरी पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत की घोषणा की है। सरकार ने जेट फ्यूल की कीमतें नियंत्रित रखने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है। इससे विमान ईंधन की कीमत स्थिर रहेगी और हवाई किराए में अब वृद्धि नहीं होगी। सरकार ने अह हवाई ईंधन की कीमत 75.60 रुपये प्रति लीटर तय कर दी है।
य़ुद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। युद्ध विराम के दौरान कुछ राहत मिली लेकिन अब फिर से युद्ध छिड़ने के आसार पैदा हो गए हैं, अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में उसके सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं, इससे एक बार फिर से भीषण युद्ध छिड़ने का खतरा पैदा हो गया है। इस खतरे के चलते फिर से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने लगी हैं, सरकार ने तय किया है कि अब इससे अधिक कीमतें बढ़ीं तो सरकार तेल कंपनियों को सब्सिडी देगी लेकिन एयरलाइंस को महंगा फयूल नहीं खरीदना पड़ेगा।
फ्यूल की कीमतें बढ़ने से एयरलाइंस का खर्च लगातार बढ़ रहा था, इससे एयरलाइंस लगातार हवाई किराया बढ़ा रही थीं। तेल की कीमतें स्थिर होने से अब हवाई किराए में राहत मिलेगी, इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये का फंड रखा है, इसका उपयोग तेल कंपनियों को सब्सिडी देने के लिए किया जाएगा। इसकी मंजूरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दी गई है। यह मंजूरी 36 माह यानी तीन सालों के लिए मिली है जिसकी हर साल एक बार समीक्षा की जाएगी।