नई दिल्ली (एडीएनए)। मिडिल ईस्ट में फिर युद्ध छिड़ने की आशंका के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डीजल-पोट्रोल बचाने की अपील से देश का एविएशन सेंटर हिल गया है। नए संकट से कई इंटरनेशनल फ्लाइट बंद होने के साथ हवाई टिकट महंगे होने की आशंका बढ़ गई है।
ईरान को अमेरिका की नई धमकी से मीडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है, इससे तेल के दामों में फिर बढ़ोत्तरी शुरू हो गई है। अमेरिका, चीन और यूरोपीय देशों तेल के दामों में भारी बढ़ोत्तरी हो चुकी है, हालांकि भारत अभी तक इससे बचा था। प्रधानमंत्री की डीजल-पोट्रोल बचाने के साथ विदेशी यात्राएं कम करने की अपील के बाद माना जा रहा है कि भारत में भी कभी भी डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ सकते हैं।
प्रधानमंत्री की अपील वैसे को देश को किसी भी संकट से बचाने के लिए है लेकिन इस अपील ने आम लोगों के मन में एक आशंका भी पैदा कर दी है। इससे हर क्षेत्र में खलबली की स्थिति है और हर व्यक्ति आशंकित है। एविएशन सेक्टर जो पहले से संकट के दौर से गुजर रहा है, इस अपील के बाद हिल गया है। एयर इंडिया जैसी बड़ी एयरलाइंस पहले ही सैकड़ों कर्मचारियों की छटनी कर चुकी हैं और लगभग हर बड़ी एयरलाइंस अपनी कई अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें बंद कर चुकी हैं। फिर से तेल के दाम बढ़ने से एयरलाइंस को खर्चों में और कटौती करनी पड़ेगी और खर्चों की पूर्ति के लिए एयरलाइंस को किराया बढ़ाना पड़ेगा।
केंद्र सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए अपने स्तर से काफी राहत दी है जिससे फिलहाल एयरलाइंस का खर्चा कम हुआ है और घरेलू किराए में बढ़ोत्तरी नहीं की है लेकिन अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में खर्चे बेतहासा बढ़ने से न केवल एय़रलाइंस किराया बढ़ा रही हैं बल्कि खर्चे कम करने के लिए फ्लाइट कम कर रही हैं। नए संकट के बाद एयरलाइंस को अपना आस्तित्व बचाने के लिए खर्चों में और कटौती के साथ आय भी बढ़ानी होगी, इससे कई फ्लाइट बंद करने के साथ हवाई टिकट महंगा करने के अलावा एयरलाइंस के पास कोई विकल्प नहीं है।