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खतरे कैसे-कैसेः विमान की नोज क्षतिग्रस्त होती पर पायलट को पता नहीं..तो बिना बात एक पायलट देता है हाईजैक अलर्ट

नई दिल्ली, (एडीएनए)। विमान यात्रियों के लिए खतरा दिन पर दिन क्या बढ़ता जा रहा है। हाल की रिपोर्ट के अनुसार ज्यादातर इमरजेंसी लैंडिंग विमानों में तकनीकी खराबी के कारण करानी पड़ीं। अब पायलटों की ऐसी लापरवाही सामने आ रही है जिससे सैकड़ों विमान यात्रियों की जान खतरे में है।

7 अक्टूबर 2026 को एक ऐसी घटना हुई जिसमें खतरे का पता तब चला जब विमान लैंड कर गया। दरअसल इंडिगो की फ्लाइट 6E925 पटना से लखनऊ के लिए उड़ी थी। खराब मौसम के चलते 17,000 फीट की उंचाई पर ओलावृष्टि या आकाशीय बिजली से विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्ट हो गया। विमान में 104 यात्री और 6 क्रू मेंबर सवार थे। विमान का यह हिस्सा कब और कैसे क्षतिग्रस्त हुआ पायलटों को पता ही नहीं चला। जब विमान लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा तब उसका अगला हिस्सा देख एयरपोर्ट अधिकारी दंग रह गए। वह समझ नहीं पाए कि इतना बड़ा हादसा हो गया और पायलटों ने कोई संदेश तक नहीं दिया। बाद में पता चला कि दरअसल पायलटों को भी इसकी भनक तक नहीं लगी। वर्तमान में जब हाईटेक विमानों में खरोच तक की जानकारी कॉकपिट पर बैठे पायलटों को हो जाती है तो इतने बड़े हादसे की जानकारी उनको कैसे नहीं हो पायी, यह न सिर्फ पायलटों बल्कि विमान की तकनीकी स्थिति पर भी सवाल खड़ा करता है। फिलहाल विमान को अस्थायी रूप से आपरेशन से हटा दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

दूसरी चौकाने वाली घटना 14 अक्टूबर 2026 को हुई जब पायलटों ने एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI2030 लेकर  फ्रैंकफर्ट से दिल्ली के लिए उड़े थे। मुंबई के पास विमान के हाईजैक होने का अलर्ट मिला, जिस पर विमान की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। खुद पायलटों को नहीं पता था कि विमान में क्या हुआ है और वह हाईजैक हुआ है तो उनको खबर होने के बजाय अलर्ट कैसे पहुंच गया। विमान में 293 यात्री और 13 क्रू मेंबर सवार थे, इमरजेंसी लैंडिंग की खबर सुनते सभी परेशान हो गए। आननफानन में विमान की जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस बीच एयरपोर्ट पर हाईअलर्ट था, विमान को तुरंत सुरक्षा जांच के लिए आइसोलेशन-बे में ले जाया गया। सभी यात्री और खुद पायलट हैरान थे, जांच में पता चला कि जब विमान मुंबई में था तब पायलट ने ही स्क्वाक कोड 7500 (हाईजैक अलर्ट) दबाया था। यह पायलट ने जानबूझ कर दबाया था या गलती थे इसकी जांच हो रही है हालांकि पायलट का कहना है कि उसने यह अलर्ट नहीं दबाया। जो भी लेकिन यह तय है कि यात्रियों की जान एक बार फिर खरते में पड़ी, इस तरह तो कोई भी बटन दब सकती है और यात्रियों की जान जा सकती है। ऐसे में जब हम भारत के बहादुर पायलट स्मित मच्छार की चर्चा कर रहे हैं यह लापरवाहियां विमान यात्रियों पर बहुत भारी पड़ सकती हैं।

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