नई दिल्ली, (एडीएनए)। सीबीआई ने डीजीसीए के घूसखोर अफसर उप निदेशक सुशील कुमार गर्ग को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने वाली है। इससे डीजीसीए में व्याप्त भ्रष्टाचार की और परतें खुलेंगीं।
सीबीआई ने ₹2.5 लाख की रिश्वत के मामले में तमिलनाडु से नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के उप निदेशक (उड़ानयोग्यता) सुशील कुमार गर्ग और एकवी एयर ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन के निदेशक सचिन केशव भाने को गिरफ्तार किया है। अब सीबीआई ने इनके रिमांड पर लेने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की है ताकि भ्रष्टाचार का पूरा खुलासा कर सके। सीबीआई इनको लेकर डीजीसीए मुख्यालय भी जा सकती है और कई फाइलें खंगाल सकती है।
जिस तरह सीबीआई डीजीसीए में व्याप्त भ्रष्टाचार की परतें खोल रही है और भ्रष्ट अधिकारियों को गिरफ्तार कर रही है, उससे यह तो तय हो गया है कि वहां की स्थिति आरटीओ से बदतर हो गई है। आरटीओ में जिस तरह बिना पैसा कोई काम नहीं होता, वही हाल डीजीसीए का हो गया है। सीबीआई की ताजा कार्रवाइयों से कम से कम यह साबित हो रहा है। डीजीसीए में भ्रष्टाचार का सीधा मतलब लोगों की जान से खेलना है, क्योंकि उसकी अनुमति से हवा में जहाज उड़ता है जबकि आरटीओ की अनुमति से सड़क पर वाहन दौड़ते हैं। सीबीआई भ्रष्ट अधिकारी को रिमांड पर लेकर और पर्तें खोलने वाली है, हो सकता है उसकी जद में और अफसर भी आ जाएं।