अजमेर, (एडीएनए)। राजस्थान में अजमेर के किशनगढ़ एयरपोर्ट के ऊपर ट्रेनी विमान साढ़े 3 घंटे तक चक्कर काटता रहा। उसमें सवार ट्रेनी पायलट और इंस्ट्रक्टर की सांसें अटकी रहीं, फ्यूल खत्म होने वाला था और जब कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा ट्रेनी विमान की क्रैश लैंडिंग करानी पड़ी। दोनों की जान तो बच गई लेकिन उनके साथ एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों की सांसें कुछ देर के लिए जैसे थम सी गई थीं।
दरअसल अव्यान एविएशन एकेडमी का ट्रेनी विमान लेकर इंस्ट्रक्टर एक ट्रेनी पायलट के साथ उड़े थे। हवा में दोनों को पता चला कि विमान के टायर में दिक्कत आ गई है यानी सुरक्षित लैडिंग संभव नहीं है। उड़ान भरने के बाद दोनों हवा में फंस गए, उनको समझ नहीं आयी कि अब विमान की सुरक्षित लैंडिंग कैसे कराई जाए। विमान लेकर वह किशनगढ़ एयरपोर्ट के ऊपर पहुंच गए लेकिन उस समय विमान में पूरा ईंधन भरा था और टायर डैमेज होने के बाद तुरंत लैडिंग कराने पर बड़ा हादसा हो सकता था। मजबूरी में साढ़े 3 घंटे तक विमान को एयरपोर्ट के ऊपर उड़ाते रहे। सैकड़ों चक्कर लगाने के बाद जब ईंधन एकदम समाप्ति पर आ गया तब उसकी लैडिंग का फैसला किया क्योंकि इसके बाद विमान आर हवा में रहता तो फ्यूल खत्म हो जाता और वह नीचे आकर गिरता।
इस बीच एयरपोर्ट पर बचाव के सारे इंतजाम कर लिए गए, ताकि क्रैश लैडिंग के सय कोई हादसा होता है तो तुरंत राहत पहुंचायी जा सके। पायलटों ने सूझबूझ का परिचय दिया और क्रैश लैडिंग के बावजूद कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, विमान डैमेज हुआ लेकिन दोनों को कोई बड़ी चोट नहीं आयी। एयरपोर्ट डायरेक्टर बीएल मीणा के अनुसार विमान के टेकऑफ करने के कुछ समय बाद ही टायर डैमेज होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद पायलटों ने संपर्क साधा और साढ़े 3 घंटे हवा में चक्कर लगाने के बाद आखिर सुरक्षित क्रैश लैंडिंग कराई गई। डायरेक्टर के अनुसार इस बीच एयरपोर्ट पर रेस्क्यू टीमें तैनात रहीं और किशनगंज एयरपोर्ट पूरी तरह अलर्ट मोड पर गया था। रनवे के पास फायर फाइटंग गाड़ियां, एम्बुलेंस और रेस्क्यू टीमों को तैनात कर दिया गया था ताकि आपास स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। सुरक्षित लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने राहत की सांस ली, डायरेक्टर मीणा के अनुसार घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं कि आखिर विमान के टायर डैमेज कैसे हुए और अचानक टायरों में खराबी कैसे आयी।