नई दिल्ली, (एडीएनए)। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FJ 1073 की घटना की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है रोंगटे खड़े करने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। 9/11 का दोहराने की साजिश करने वाले को-पायलट की पहचान के साथ यह तय हो गया है कि वह कट्टर इस्लामी आतंकवाद से प्रभावित था और 9/11 की घटना हूबहू दोहराने वाला था। वह विमान को इजराइल की किसी ऊंची बिल्डिंग से टकराने वाला था, विमान में सवार 174 यात्रियों की किस्मत अच्छी थी जो उनके लिए भगवान साबित होने वाला भारत का हीरो स्मित मच्छार इस विमान का कैप्टन था।
को-पायलट ओमान का हमाम-अल-हमामी निकला जो आतंकी संगठन अलकायदा से प्रभावित था। वह ओमान एयर और मोरक्को के रॉयल एयर में भी पायलट रहा था लेकिन दोनों जगह से उसे निकाला गया था। अचरज की बात तो यह है कि जिसे सुरक्षा कारणों से पहले दो एयरलाइंस से निकाला गया उसे फ्लाईदुबई ने ने केवल अपने यहां बिना जांच-पड़ताल के रख लिया बल्कि यूएई-इजराइल को जोड़ने वाले संवेदशील रूट पर भेज दिया। घटना के कुछ घंटे बाद उसी हमामी के लिंक्डइन अकाउंट से दो पोस्ट डाले गए जिनमें विमान के कॉकपिट की तस्वीरों के साथ अलकायदा आतंकी जवाहिरी और हुमाम खलील का फोटो जोड़े गए, हांलाकि बाद में यह दोनो पोस्ट डिलीट कर दी गईं। हमामी से पूछताछ, जांच और तमाम गतिविधियों से यह तय हो चुका है कि 9/11 की बड़ी साजिश दोहराने के पीछे कोई न कोई आतंकी संगठन जरूर था। साथ ही यह भी तय हो गया कि जो इजराइल कई मोर्चों पर युद्ध लड़ रहा है उसकी जमीन पर इतनी बड़ी साजिश का पर्दाफाश खुफिया एजेंसियां नहीं कर पायीं, या कहें सुरक्षा में बड़ी चूक हुई। कल्पना करिए विमान का कैप्टन एक बहादुर भारतीय नहीं होता तो कितना भयावह मंजर होता।
कौन बना स्मित का सहारा, किसने संभाला कॉकपिट
विमान में आगे बैठे यात्रियों ने एक बड़ा खुलासा किया कि स्मित ने जैसे की कॉकपिट खोला दो लोग तेजी से अंदर घुसे। जब तक क्रू मेंर और कुछ यात्री हमला करने वाले को-पायलट को खींचकर बाहर लाते यह दो लोग स्मित मच्छा का सहारा बने और कॉकपिट संभाल लिया जिसके बाद लड़खड़ा रहा विमान सामान्य हो गया।
आगे की आगे की दूसरी लाइन में बैठे यात्रियों ने बताया कि एक बार तो लगा कि अब कोई नहीं बचेगा। विमान तेजी से नीचे गिरा जिससे सभी का सांसें अटक गईं। कैप्टन स्मित ने जैसे ही कॉकपिट खोला कुछ यात्री और क्रू मेंबर अंदर घुसे, इनमें वह दो लोग भी थे जिन्होंने को-पायलट की तरफ ध्यान देने के बजाय विमान पर ध्यान दिया और विमान कुछ सेकेंड में ही सामान्य हो गया। अफरातफरी के बीच कुछ मिनट में ही वह दोनों कॉकपिट से बाहर निकल आए और स्मित ने फिर से पूरी जिम्मेदारी संभाल ली, यह दो लो कौन थे भी तक उनकी पहचान नीं हो पायी है।
दुबई के क्राउन प्रिंस से लेकर सलमान-शाहरुख हुए मुरीद
दुबई के क्राउन प्रिंस और यूएई के उप प्रधानमंत्री शेख हमदाद बिन मोहममद बिन राशिद अल मक्तूम अस्पताल में कैप्टन स्मित मच्छार से मिलने पहुंचे और उनका माथा चूमकर बोले आप पर पूरी दुनिया को गर्व है। पूरी दुनिया में स्मित मच्छार की बहादुरी की ही चर्चा है जो भारत में भी उनका गुणगान हो रहा है। सलमान खान और शाहरुख खान से लेकर पूरा देश अपने हीरो को लेकर गर्व कर रहा है और स्मित को सलाम कर रहा है, हालांकि देश के अंदर विपक्ष की चुप्पी पर सब हैरान भी हैं। देश के अंदर उनकी बहादुरी के लिए अशोक चक्र देने की मांग भी उट रही है, उधर इजराइल में भी बहादुरी के लिए बड़ा सम्मान देने की मांग हो रही है।