नई दिल्ली (एडीएनए)। पूरी तरह भारत में तैयार पहली सैन्य एयरबस ने बडोदरा में सफल उड़ान भरी। इसी के साथ भारत ने विमानन क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। भारत में ऐसे 40 विमानों का निर्माण होना है, जिसमें से यह पहला विमान है जिसने पूरी सफलता के साथ उड़ान भरी।
बडोदरा की फाइनल फाइनल असेंबली लाइन से जिस समय देश में निर्मित पहले सैन्य विमान ने उड़ान भरी वहां मौजूद अधिकारियों और अन्य लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। अब जल्द वायुसेना को स्वदेशी सी-295 विमान मिल जाएगा। यह पहला मौका है जब भारत में निजी क्षेत्र में किसी विमान का निर्माण किया जा रहा है। इस क्रांतिकारी कदम के साथ भारत के सैन्य क्षेत्र के लिए विमानों के निर्माण का युग शुरू हो गया है।
सी-295 एयरबस 9 टन तक के सैन्य उपकरण और रसद लेकर उड़ने में सक्षम है। इसमें एक बार में 70 से ज्यादा सैनिक या 50 पैराटूपर्स उड़ सकते हैं। सी-295 480 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ सकता है और बिना ईंधन भरे 11 घंटे तक लगातार आसमान में उड़ सकता है। यह विमान छोटी हवाई पट्टी के अलावा घास, मिट्टी और ऊबड़-खाबड़ मैदान में भी उतर सकता है और उड़ान भर सकता है। सैन्य जरूरतों के अलावा इस विमान का प्रयोग समुद्री निगरानी, आपदा प्रबंधन और आपातकाल में घायल सैनिकों को निकालकर चिकित्सा मुहैया कराने तक में प्रयोग किया जा सकेगा। जिम्मेदार अधिकारियों के लिए जल्द विमान वायुसेना को मिल जाएगा, इसी के साथ तैजी से और विमानों का निर्माण भी शुरू हो जाएगा।