नई दिल्ली (एडीएनए)। एशिया के सबसे बड़े जेवर (नोएडा) एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए पहली उड़ान इतिहास बन गई। इस पहली उड़ान में नेता और ब्यूरोक्रेट नहीं बल्कि एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसान वीआईपी की श्रेणी में रहे। इससे सरकार ने यह भी साबित करने की कोशिश की कि अब देश में हवाई चप्पल वाले भी आसमान में उड़ सकेंगे। इसी के साथ जेवर एयरपोर्ट से उड़ान शुरू हो गईं। इससे पहले सुबह लखनऊ से जनप्रतिनिधियों, सीनियर ब्यूरोक्रेट और उद्योग जगत से जुड़े लोगों को लेकर पहली विमान जेवर एयरपोर्ट पर उतरा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार सुबह करीब 8.00 बजे जेवर एयरपोर्ट पर लखनऊ से आया पहला विमान उतरा जिसके साथ यहां से नियमित परिचालन शुरू हो गया। इसके बाद सुबह 8.30 बजे जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए पहली उड़ान रवाना हुई। इस उड़ान में जेवर के वह 172 किसान सवार थे जिन्होंने एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीन दी है। उन्हें उड़ान का हिस्सा बनाकर विशेष सममान दिया गया। किसानों के साथ जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह शामिल रहे, लखनऊ में किसानों ने सीएम योगी से मुलाकात की और शाम को उसी उड़ान से जेवर लौट गए। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। इसी के साथ 15 जून 2026 को जेवर एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ान शुरू हो गई, फिलहाल एयरपोर्ट का पहला चरण पूरा हुआ है अभी इसके दो चरण बाकी हैं। अगले कुछ वर्षों में जब पूरा एयरपोर्ट शुरू हो जाएगा यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा।