नई दिल्ली, (एडीएनए)। पेट्रोल में एथेनॉल यानी E-20 को लेकर देश भर में छिड़ी बहस के बीच एविएशन टॉरबाइन फ्यूल यानी विमानन ईंधन में एथेनॉल की चर्चा शुरू हो गई है। लोग कह हे हैं E-20 से कारें खराब हो रही हैं, कई गाड़ियां चलते-चलते अचानक खड़ी हो गईं, अगर विमान का यही हाल हुआ तो आसमान में क्या होगा। इस आशंका को केंद्र सरकार ने निराधार बताया है, सरकार के अनुसार एविएशन टॉरबाइन फ्यूल में एथेनॉल के मिश्रण की कोई योजना नहीं है। सरकारन ने इसे कोर अफवाह बताया है।
एविएशन टॉरबाइन फ्यूल में एथेनॉल के मिश्रण की आशंका पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने साफ किया है कि सरकार का विमानन ईंधन में एथेनॉल मिलाने का कोई प्रस्ताव या योजना नहीं है। उन्होंने कहा है कि इस तरह की भ्रामक खबरें और फवाहें हवाई यात्रियों में बेवजह भ्रम और डर पैदा कर रही हैं। हाल में ही सोशल मीडिया पर विमानन ईंधन में एथेनॉल मिलाने से जुड़ी कई पोस्ट वायरल हुई थीं। लोगों का कहना था कि E-20 के बाद वाहनों के ईंधन में 80-85 फीसदी तक एथेनॉल मिलाने की योजना पर सरकार काम कर रही है, इसके बाद निमानन ईंधन में भी एथेनॉल मिलाया जाएगा। केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ अफवाहें हैं न तो सरकार की इस तरह की कोई योजना है और न की प्रयोग चल रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लोग इस तरह की अफवाहों पर ध्यान दें, सरकार का ऐसा कुछ करने का कतई इरादा नहीं है।