नई दिल्ली, (एडीएनए)। अरबों खर्च कर हाल में तैयार नोएडा (जेवर) हवाई अड्डे में पहली बरसात में पानी भरा तो यात्रियों को पानी मंझाकर हवाई यात्रा करनी पड़ी। अब लगातार बारिश से दिल्ली हवाई अड्डे में पानी भरा तो कई फ्लाइट को डायवर्ट करना पड़ा और कई फ्लाइट घंटों लेट हो गईं। इससे हजारों रुपये खर्च कर महंगे हवाई टिकट खरीदने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश में शहरों की सड़कों में जल भराव आम बात है, कहा जाता है कि नगर निगमों के पास इतना पैसा नहीं है कि ड्रेनेज सिस्टम को आधुनिक बना सकें लेकिन जिन एयरोपर्ट बनाने में अरबों रुपये खरे हो रहे हैं उनका ड्रेनेज सिस्टम भी ऐसा हो कि एयरपोर्ट में पानी भर जाए तो इससे शर्म की बात क्या हो सकती है। यात्री हजारों रुपये के महंगे हवाई टिकट इसलिए खरीदते हैं ताक सुविधाजनक ढंग और आराम से यात्रा कर सकें लेकिन यहां उल्टा हो रहा है।
जेवर एयरोपर्ट का उद्घाटन मार्च में हुआ और 15 जून से यहां से फ्लाइट शुरू हो गईं लेकिन इसकी हालत भी बदतर है। दावा था कि यह एशिया का सबसे बड़ा और आधुनिक एयरपोर्ट बनने जा रहा है। लोगों को एयरपोर्ट से बड़े-बड़े सुने दिखाए गए थे लेकिन पहली ही बरसात में जब एयरपोरट की लॉबी और रनवे पर पानी भर गया तो इसकी असलियत सामने आ गई। तमाम मशक्कत के बाद पानी निकालकर इसे चालू किया जा सका, कई यात्री तो पानी मंझाकर फ्लाइट पकड़ने गए।
अब पिछले दो दिन की बारिश से दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 और 3 के आने-जाने वाले रास्तों पर पानी भर गया। इससे यात्रियों को घुटनों पानी मंझाकर जाना पड़ा। इससे शर्मनाक बात और क्या हो सकती है कि हवाई यात्रियों के आम सड़क की तरह पानी मंझाकर फ्लाइट पकड़ने के लिए जाना पड़े। टर्मिनल-3 तो आमतौर पर इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए इस्तेमाल होता है यानी विदेश जाने वाले यात्रियों को भी पानी मंझाकर निकलना पड़ा। भारी बारिश और मौसम की मार भी यात्रियों को झेलनी पड़ी, 12 से ज्यादा उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा और 400 से ज्यादा उड़ानें लेट हो गईं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।