नई दिल्ली, (एडीएनए)। एयर इंडिया के कैप्टन ने 36000 फीट की उंचाई पर 150 यात्रियों और क्रू मेंमर की जान खतरे में डाली थी। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इनवेस्टीगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की जांच के बाद एयर इंडिया ने अपने पायलट इन कमांड को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया, उसे डोप टेस्ट में नशे का दोषी पाया गया था। इसी के साथ यह भी साफ हो गया है कि विमान में भी गंभीर समस्या थी, उसका ऑटो पायलट सिस्टम फेल हो गया था। 150 यात्रियों और क्रू मेंबर का भाग्य अच्छा था जिससे वे बच गए।
04 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया फ्लाइट 36000 फीट की उंचाई पर अचानक 150 फीट नीचे गिरी थी। प्रारंभिक जांच में एयर टर्बुलेंस और विमान में तकनीकी खराबी के साथ मुख्य पायलट गांजे के नशे में मिला था। यानी विमान में सवार 137 यात्रियों व 8 क्रू मेंबरों की जान पायलट ने खतरे में डाल दी थी। इसके बाद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने फ्लाइंग से पहले अपने सभी पायलटों के डोप डेस्ट का फैसला किया है। इसके बाद भी कुछ पायलट डोप टेस्ट में नशे के आदी पाए गए हैं।
अब एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट भी सामने आ गई है, इस रिपोर्ट के अनुसार विमान में भी बड़ी कमियां सामने आयी हैं। पायलट नशे में था यह सिद्ध हो चुका है, ऐसे में विमान अगर ऑटो पायलट सिस्टम में आ जाता तो खतरा उतना न होता लेकिन विमान का यह सिस्टम भी फेल हो गया। ऐसे में विमान जब एयर टर्बुलेंस में फंसा वह झटके से 300 फीट नीचे आ गया इससे विमान में सवार यात्री सीटों के नीचे गिरे और ऊपर रखा सामान भी उनके ऊपर आ गिरा था। हादसे में 24 यात्री घायल हुए थे। एएआईबी की रिपोर्ट आने के बाद एयर इंडिया ने विमान के कैप्टन को बर्खास्त कर दिया लेकिन डोप टेस्ट में फेल और पायलटों पर भी एयरलाइंस को तत्काल फैसला लेना होगा ताकि यात्रियों को खतरे से बचाया जा सके।