नई दिल्ली, (एडीएनए)। दो साल बाद आप भारतीय आकाश पर एयर टैक्सियां उड़ते देखेंगे। यह टैक्सी एयर एंबुलेंस के साथ जाम वाले शहरों में जल्द एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने के काम आएगी। इसे लैंडिंग और टेकऑफ के लिए केवल कबड्डी के मैदान के बराबर जगह चाहिए होगी, यह जमीन पर सीधे उतरेगी और सीधे ऊपर उठकर अपनी मंजिल तक पहुंचेगी।
बेंगलुरु में सरला एविएशन के नए मुख्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि इलेक्ट्रनिक एयर टैक्सी सेवा का सपना 2028 तक साकार होने वाला है। उन्होंने बताया यह वास्तव में इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग यान होगी। उन्होंने बताया कि टैक्सी का इस्तेमाल भीड़ भरे महानगरों में ज्यादा मुफीद होगा, जहां लोग जाम में फंसते हैं और इससे बचना चाहते हैं। इसमें पायलट सहित 6 लोग बैठ सकेंगे।
दरअसल सरला एविएशन ने एटर टैक्सी का माडल तैयार कर लिया है, अगले साल कंपनी इसका परीक्षण शुरू करने जा रही है। टैक्सी के विकास, परीक्षण और उपयोग पर सरकार की पूरी नजर है। न केवल उड्डयन मंत्रालय बल्कि विमानन नियामक और डीजीसीए इसके परीक्षण के साथ सुरक्षा और नियमों पर काम कर रहे हैं ताकि परीक्षण पूरा होते ही इसका इस्तेमाल शुरू किया जा सके। मंत्रालय के अनुसार इसके आकार-प्रकार को मंजूरी दे दी गई है। बताया जा रहा है कि इसमें ड्रोन, विमान और हेलीकाप्टर सभी की तकनीकी का समायोजन है। इसमें 7 इलेक्ट्रिक मोटर का इस्तेमाल होगा, जिसमें से 6 इसे ऊपर उठाने और एक आगे बढ़ाने में इस्तेमाल होगी। यह टैक्सी किसी तरह या ठोस ईंधन से नहीं बल्कि बैटरी या इलेक्ट्रिक से चलेगी। इसमें ऐसे जनरेटर से जोड़ने की तकनीकी का इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे उड़ते समय भी इसकी बैटरियों को चार्ज किया जा सके।
उड्डयन मंत्री ने बताया एयर टैक्सी की तकनीती पूरी तरह भारत में विकसित की गई है। इस नवाचार में कई निवेशक और उद्यमी शामिल हैं। दावा है कि यह आवागमन का ऐसा सस्ता साधन होगी जिससे 2 घंटे की दूरी आधे घंटे में पूरी की जा सकेगी। एयर टैक्सी बना रही कंपनी से कई बड़े अस्पतालों ने भी संपर्क किया है, यह इसे एयर एंबुलेंस के रूप में डेवलप कराना चाहते हैं। यह टैकसी वास्तव में भारत में नई एविएशन क्रांति लाएगी, महानगरों में जहां आप सड़कों पर जाम में फंसते हैं वहां आसमान पर यह छोटी एयर टैकसियां दिखायी देंगी। इससे एविएशन की दुनिया ही बदल जाएगी।