नई दिल्ली, (एडीएनए)। इंडिगो ने 20 सालों के सफर में इतिहास रचा है, भारत की सबसे बड़ी एयरलाइंस ने 20 सालों में 441 विमानों और 84 हजार करोड़ रेवेन्यू अर्जित किया है जो किसी भी एविएशन कंपनी के लिए गर्व की बात है।
भारत की दिग्गज एयरलाइंस इंडिगो ने 4 अगस्त 2006 में यानी ठीक 20 साल पहले मात्र एक विमान से अपना सफर शुरू किया था, उसके पास आज 441 शानदार विमान हैं। इंडिगो ने दिल्ली से इंफाल के बीच पहली फ्लाइट चलायी थी और अब भारत का 66 फीसदी मार्केट शेयर इंडिगो के पास है। ग्लोबल विस्तार के साथ इंडिगो अब दुनिया की बड़ी एयरलाइंस को टक्कर दे रही है। नए सीईओ विलियम वॉल्स के नेतृत्व में एयरलाइंस पूरी दुनिया में छाने की तैयारी में है। वॉल्स की नजर भारत के बाद पूरी दुनिया पर है, इसके लिए उन्होंने ग्लोबल एक्सपेंशन का मास्टर प्लान तैयार किया है।
इंडिगो का 20 सालों का सुनहरा सफर यूं ही नहीं ऐतिहासिक माना जाता है, बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी के दम पर इंडिगो ने दो दशकों में अभूतपूर्व बढ़त हासिल की है। उसके पास आज करीब 42 हजार कर्मचारी हैं और हर रोज 2300 से ज्यादा उड़ानें संचालित करती है। एयरलाइंस 132 से अधिक डेस्टिनेशंस को अपनी फ्लाइट से जोड़ती है।
इंडिगो के 20 सालों के सफर पर नजर डालें को कंपनी 2005 में बनी और 100 एयरबस A320 का आर्डर दिया। 2006 में एक विमान से पहली कामर्शियल फ्लाइट शुरू की। 2011 में इंडिगो ने दिल्ली से दुबई के बीच पहली इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू की और 2012 में देश की सबसे बड़ी एयरलाइन बन गई। 2014 में कंपनी ने 100वां एयरक्राफ्ट खरीदा, यानी एक दशक से भी कम समय में इंडिगो एय़रलाइन 100 विमानों की मालिक बन चुकी थी। कंपनी ने 2015 में आईपीओ लॉच किया और 250 नए एयरबस का आर्डर दिया। 2023 में कंपनी ने 500 एयरबस एयरक्राफ्ट का दुनाया का सबसे बड़ा आर्डर देकर दुनिया में इतिहास रचा। 2025 कंपनी के लिए ठीक नहीं रहा, ऑपरेशनल क्राइसिस के चलते 2500 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। 2026 आते-आते कंपनी ने फिर से सारी चीजें ठीक कर लीं और सभी चुनौतियों को पीछे छोड़ ग्लोबल विस्तार की तरफ बढ़ गई।