नई दिल्ली, (एडीएनए)। मध्य पूर्व के तनाव और एयर स्पेस पाबंदियों के कारण एयर इंडिया का इंटरनेशनल ट्रैफिक 38 फीसदी तक गिर गया है। यह स्थिति इंडिगो और दूसरी एयरलाइंस की है, इससे देश के बड़े मेट्रो एयरपोर्ट्स पर उड़ानों की संख्या में भारी कमी आयी है।
दरअसल भू-राजनीतिक तनाव और कई देशों के एयरस्पेस प्रतिबंधों का सीधा असर भारतीय एयरलाइंस के विदेशी संचालन पर पड़ा है। इससे अधिकतर एयरलाइंस को नुकसान हो रहा है और वह अपना खर्च घटा रही हैं। इसी के साथ चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली जैसे बड़े हवाई अड्डों में फ्लाइटों का संचालन 20-25 फीसदी तक कम हो गया है। इससे न केवल एयरलाइंस बल्कि हवाई अड्डों को भी खर्चे कम करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
इसके अलावा एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली की फ्लाइट की ताजा घटना के चलते भी उसके यात्रियों की संख्या घटी है। जिस तरह एयर इंडिया के पायलट डोप टेस्ट में फेल हो रहे हैं उससे यात्री अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और दूसरे एयरलाइंस की रुख कर रहे हैं। हालांकि एयर इंडिया ने हर फ्लाइट से पहले पायलट की स्क्रीनिंग शुरू की गई है, संभव है इससे यात्रियों का विश्वास लौटे वह एयरलाइंस चुनते समय एयर इंडिया पर फिर से भरोसा जताने लगें।