नई दिल्ली, (एडीएनए)। एक घटना ने पायलटों की असलियत सामने ला दी है, हवाई यात्रा करने वालों को एक डर घर कर रहा है कि क्या बड़े पैमाने पर पायलट नशे के आदी हैं। अभी तो केवल एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने पायलटों का डोप टेस्ट शरू किया है, यह पता होने पर कि डोप टेस्ट होगा इसके बाद भी पायलट पॉजिटिव मिल रहे हैं। बाकी एयरलाइंस ने डोप टेस्ट शुरू किया तो संभव है आशंका से ज्यादा चौकाने वाले तथ्य सामने आएं। ऐसी घटनाओं के बाद डीजीसीए को भी इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है, ताकि हर रोज हवाई यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों की जान खतरे में न पड़े।
04 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया फ्लाइट अचानक 300 फीट नीचे गिर गई थी। जांच में एयर टर्बुलेंस और विमान में तकनीकी खराबी के साथ मुख्य पायलट गांजे के नशे में मिला। यानी विमान में सवार 137 यात्रियों व 8 क्रू मेंबरों की जान पायलट ने खतरे में डाल दी थी। इसके बाद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने फ्लाइंग से पहले अपने सभी पायलटों के डोप डेस्ट का फैसला किया। 13 अगस्त से सभी पायलटों की जांच शुरू कर दी गई, इस जांच में दो और पायलट प्रारंभिक जांच में पॉजिटिव पाए गए। दोनों को तुरंत ड्यूटी से हटा दिया गया। लेकिन इससे यह आशंका बढ़ गई की कई पायलट नशे के आदी हो सकते हैं, तभी तो जांच का पता होने के बाद भी उन्होंने कोई नशा किया और पकड़ लिए गए।
एयर इंडिया पांच दिनों में 400 से ज्यादा पायलटों का टेस्ट करा चुकी है, इनमें से ये दो पायलट और पॉजिटिव मिले हैं। एयरलाइंस की यह कवायद लगातार जारी है। हालांकि इन दोनों पायलटों की अंतिम रिपोर्ट आनी अभी बाकी है, अंतिम रिपोर्ट में पता चलेगा पायलटों ने कोई नशीला पदार्श लिया था या किसी दवा का असर था। नशीला पदार्श लिया था तो वह क्या था, जैसे की पहला पायलट गांजे के नशे में पाया गया था। डीजीसीए ने वैसे तो कड़े ड्रग नियम बना रखे हैं लेकिन नियमित रूप से जांच न होने से पायलटों में नशे की लत बढ़ रही है। अब डीजीसीए को सभी एयरलाइंस के लिए फ्लाइट से पहले अनिवार्य रूप से डोप टेस्ट के बारे में सोचना होगा।