नई दिल्ली, (एडीएनए)। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाई दुबाई की फ्लाइट FJ 1073 को क्रैश करवाकर 9/11 दोहराने की कोशिश की गई। जिस तरह पायलटों ने 9/11 को न्यूयार्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के द्विन टावरों में विमान टकराकर क्रैश कराए थे उसी तरह फ्लाई दुबई के विमान के को पायलट ने क्रैश कराने की कोशिश की। भारतीय कैप्टन ने उसको रोकने की कोशिश की तो उस पर चाकू से हमला बोल दिया। विमान में सवार 180 यात्री और क्रू मेंबरों की सांसें अटक गईं लेकिन भारतीय पायलट ने बहादुरी दिखा सबकी जान बचा ली।
वाक्या बुधवार (30 सितंबर 2026) दोपहर उस समय हुई जब फ्लाई दुबई की फ्लाट FJ 1073 ने दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी थी। हजारों फीट की उंचाई पर विमान तेजी से 17400 फीट नीचे आ गया और यात्रियों को लगा वह तेजी से जमीन से टकराने वाला है। यह हरकत को पायलट की थी, वह विमान क्रैश कराने के लिए उसे तेजी से नीचे ले जा रहा था। विमान को अचानक नीचे जाने लगा तो कैप्टन की नजर को पायलट की खतरनाक हरकत पर पड़ी, उसने विमान को संभाला और फिर से ऊपर ले जाने लगा तो को पायलट ने चाकू स उस पर हमला कर दिया। कॉकपिट से चिल्लाने की आवाजें आयीं तो क्रू मेंबर और कुछ यात्री अंदर भागकर पहुंचे वहां का सिन बेहत खतरनाक था। पायलट खून से लहूलुहान था और को पायलट उस पर हमलावर था। लोगों ने कैप्टन को को पायलट के हमले से बचाया इस बीच विमान भगवान भरोसे था।
कॉकपिट से पहले इमरजेंसी का मैसेज भेजा गया फिर आतंकी हमले का मैसेज नीचे मिला। समझा गया कि विमान हाईजैक हो गया है, इससे दुनिया भर में हड़कंप मच गया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। एयरपोर्ट को अलर्ट मोड पर कर दिया गया और सारी रैस्क्यू टीमें तैयार कर ली गईं। विमान की तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करायी गई। इजराइली अधिकारियों ने इसे प्रारंभिक तौर पर आतंकी हमला माना और उसी आधार पर जांच शुरू कर दी है। कुछ अधिकारियों का कहना है कि को पायलट खुद आत्महत्या करना चाहता था जिसके लिए उसने इतने सारे यात्रियों की जान खतरे में डाली पर कैप्टन की बहादुरी से यात्रियों की जान बच गई। अधिकारी को पायलट को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं।